एक दुजे के दिल में क्या चल रहा है,ये मालुम कर सकें तो बेहतरीन। मगर एक दुसरे की भावनओंको समझ सके तो अपनेआप मे बहोत बड़ी बात है। यही बताने का मानस रखते हुए ये कविता लिखने की कोशीश की है।
जब तुम उदास हो
मै तुझे बहला दू ,
मुझे कोई ज़ख्म
हो
तू उसे सहला दे ।
तेरे भरोसे को मै
दिल से निभा दू ,
मेरी खुशी की
तू
वजह बन जाये ।
ऐसे ही साथी
इकदुजे के बनके ,
जिंदगी के कश्ती का
किनारा हम पायें ।
अगर मिलेंगा
तेरा साथ मुझे ,
तु और मै से
हम
हमसफर
बन जाये ।
गणेश ✍✍
खूप छान...👍👌✍️🍫
ReplyDeleteखूप मस्त रचना सर...🌺🌺🌹🌹🌹🌿🌿🌿👌👌👌
ReplyDeleteअप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌🙏🙏
ReplyDeleteछानच 👌👌👌👌
ReplyDeleteअप्रतिम गणेश दादा
ReplyDeleteअतिशय सुंदर 👌👌👌
ReplyDeleteअतिशय सुंदर..
ReplyDeleteलाजवाब गणेश 👌🏻👌🏻
ReplyDeleteगणेशजी शुभ सकाळ!🌹🙏
ReplyDeleteबढिया प्रस्तुती जी!👌👌👌
अप्रतिम ....लाजवाब👌👌👌👌🌹🌹
ReplyDeleteबोहोत खुब...
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