Apr 9, 2022

खुदा की बंदगी

खुदा की बंदगी का
रास्ता जो उसने पाया

उसको सुकूं ए रुख़ का
अंदाज नज़र आया

भटक रहा था वो भी
अब तक दर बदर को

खुदा के दर पे आ के
वो दर्द भुल पाया

         गणेश 🙏🏼🙏🏼


Jan 1, 2022

एक नया रंग

वैसे तो हर जुबां पे 
आज जिक्र है तेरा 

ऐ 2022, 
तू है हर दिल मे 
उम्मिदो से भरा 

तेरी हर सुबह 
एक नया रंग लायेगी 

हर दिल की उमंग 
तेरे साथ निखर जायेगी 
     ©️®️ गणेश ✍✍

Dec 6, 2021

निष्पाप फुले

बाजार मांडलेला असतो
निष्पाप त्या फुलांचा........
इच्छा नसूनही जन्म जातो
शेज सजवण्यात त्यांचा.....
कुणी सांगावे माणसांस
प्रेम विकत मिळत नसते.....
सर्व खेळ तो असतो
भावनांस कुस्करण्याचा....... 

©️®️गणेश ✍✍


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