Nov 23, 2021

मिज़ाज़ शायराना

शुरू थी
महफ़िल
और आप का
आना हो गया.....
कह रहे थे
हम कुछ
और मिज़ाज़
शायराना
हो गया..........  

©️®️गणेश ✍✍


Nov 20, 2021

इबादत

अब तो
लगता है....
तूम मेरे
जिंदगी की
आदत ही
बन गयी हो.... 
इतना प्यार
तुमसे है के
इबादत ही
बन गयी हो...... 

©️®️ गणेश ✍✍


Nov 10, 2021

वजूद

वजूद उसका
कब का
मिट गया था... 
लेकीन,
सब की
यादों में वो
हरपल
जिंदा रहा...

गणेश ✍✍


Nov 5, 2021

तम्मना ए मंझिल

हम अंजाने
ही सही 
मगर तेरे दिल में
बसते है....
कितने ही
बेगाने है जो
इन्ह रास्तो को
तरसते है.....
न जाने
और कितनो को 
ये पनाह
होगी हासींल....
न जाने और
कितनो की
तुम होगी 
तम्मना ए मंझिल.... 

©️®️गणेश 


Nov 3, 2021

मुस्कुराना तेरा

वो पलकें 
झुका के
मुस्कुराना तेरा....
होटों को
दबा के
नज़र... चुराना तेरा.....
तरसते है  तेरे
दिदार को हम....
और उस पर यूं
चेहरा...  छुपाना तेरा.... 

          गणेश ✍✍


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