Sep 26, 2021

हमसफर

 एक दुजे के दिल में क्या चल रहा है,ये मालुम कर सकें तो बेहतरीन। मगर एक दुसरे की भावनओंको समझ सके तो अपनेआप मे बहोत बड़ी बात है। यही बताने का मानस रखते हुए ये कविता लिखने की कोशीश की है।


जब तुम उदास हो 
मै तुझे बहला दू , 
 मुझे कोई ज़ख्म 
हो तू उसे सहला दे । 
तेरे भरोसे को मै 
 दिल से निभा दू , 
मेरी खुशी की 
तू वजह बन जाये । 
ऐसे ही साथी 
 इकदुजे के बनके , 
जिंदगी के कश्ती का 
 किनारा हम पायें । 
अगर मिलेंगा 
 तेरा साथ मुझे , 
तु और मै से हम 
हमसफर बन जाये । 

       गणेश ✍✍ 

11 comments:

  1. खूप छान...👍👌✍️🍫

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  2. खूप मस्त रचना सर...🌺🌺🌹🌹🌹🌿🌿🌿👌👌👌

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  3. अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌🙏🙏

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  4. अप्रतिम गणेश दादा

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  5. अतिशय सुंदर 👌👌👌

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  6. अतिशय सुंदर..

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  7. लाजवाब गणेश 👌🏻👌🏻

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  8. गणेशजी शुभ सकाळ!🌹🙏
    बढिया प्रस्तुती जी!👌👌👌

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  9. अप्रतिम ....लाजवाब👌👌👌👌🌹🌹

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