Oct 5, 2021

शायरी तुम मेरी

 तुझ से ही 
 होता है मेरे 
 शायरी का 
 आगाज़ 
 महसुस होते 
 हो तुम 
 जब उतरते है 
 पन्नो पे 
 अल्फाज़ 
 तब ले के 
 आहट तेरी 
 ढुंडता हूं 
 तुम्हे हमदम 
 मिल जाते हो 
 मुस्कुराते हुये 
 तुम मेरे 
 दिल मे ही सनम     
     गणेश ✍✍  

10 comments:

  1. बहोत खूब बेहतरीन अल्फाज।
    उनको धुंडनेका येही तो है ...आपका अनोखा अंदाज।
    खूपच छान अप्रतिम 👌
    🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
    आबा 🙏

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  2. सुंदर लेखन ✍️👌👌

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  3. क्या खूब लिखा है वास्तविकता दिखती है

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  4. बहुत बढिया 👌👌💐💐👍👍

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  5. वाह बहोत खूब 👌🏻👌🏻

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  6. खूपच छान...👌👍✍️🍫🌹

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  7. वा गणेश दा अप्रतिम शायरी केलीत प्रत्येक शब्द अगदी मोहित करणारा
    आपकी शायरी का क्या मैं
    बयां करू अंदाज
    हर लफ्ज छुं जाता है दिल को
    इतना प्यारा होता है हर एक ऐहसास 🙏🙏🙏
    👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👍👍👍👍👍👍👍✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️🍫🍫🍫🍫🍫🍫🍫

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  8. बहुत खूब 👌👌👌👌

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