वैसे रिश्ता
मेरा पुराना
है यारो
मुस्कुराते
लबो ने
दिल मे
दर्द को ही
संभाला
है यारो
यू तो हम
मिलते
सभी से पर
दिल का हाल
नही मीलता
गुफ्तगू होती
सभी से पर
वो खयाल
नही मिलता
गणेश ✍✍
खुदा की बंदगी का रास्ता जो उसने पाया उसको सुकूं ए रुख़ का अंदाज नज़र आया भटक रहा था वो भी अब तक दर बदर को खुदा के दर पे आ के वो दर्द ...
अतिशय सुंदर रचना 👌👌👌
ReplyDeleteWOW....!!
ReplyDeleteखूप छान मस्तच ....!!
बाप्पा जीऽ ....!!🌹
🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹
आबा 🙏
अप्रतिम रचना 👌👌👌
ReplyDeleteसुंदर सुंदर लिहंलय सर!👌👌👌
ReplyDeleteवाहहह.. खुप सुंदर रचना गणेशदा...👌👍💐🍫
ReplyDeleteअप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌🙏🙏
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