Kavi-Ganesh Dalvi
शुरू थी महफ़िल और आप का आना हो गया..... कह रहे थे हम कुछ और मिज़ाज़ शायराना हो गया..........
©️®️गणेश ✍✍
अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌👌🙏🙏
वाह... खुपच छान 👌👌
Kya baat hai...👌👌👍✍️🍫
Wow..!खूप छान भारी शायरी👌🌷☀️🌷☀️🌷☀️🌷☀️🌷आबा 🙏
वाह खुप छान दादा
बहोत बढ़ीया..👌👌👍
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खुदा की बंदगी का रास्ता जो उसने पाया उसको सुकूं ए रुख़ का अंदाज नज़र आया भटक रहा था वो भी अब तक दर बदर को खुदा के दर पे आ के वो दर्द ...
अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌👌🙏🙏
ReplyDeleteवाह... खुपच छान 👌👌
ReplyDeleteKya baat hai...👌👌👍✍️🍫
ReplyDeleteWow..!
ReplyDeleteखूप छान भारी शायरी👌
🌷☀️🌷☀️🌷☀️🌷☀️🌷
आबा 🙏
वाह खुप छान दादा
ReplyDeleteबहोत बढ़ीया..👌👌👍
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