Oct 9, 2021

मेरी पहचान

अल्फाज़ ए 
जज़्बात मै 
बयाँ करता  
हूं लेकिन, 
आप जैसे 
कदरदान है 
इस लिये 
मेरी हस्ती 
है यारों 
वरना, मेरी 
पहचान 
तो जानीब, 
मजधार में 
फसीं हुयी 
इक कश्ती 
है यारों  
गणेश ✍✍

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