Kavi-Ganesh Dalvi
इक बाप के दिल में अपने औलाद के लिये
जो जज़्बात रहते है । उन्हे लिखने की कोशीश की है
आखों मे है जो इक ख़्वाब हो तुम दिल के बहलने का अंदाज हो तुम दिल जिगर से तुम्हे चाहता हूं मेरे जिंदगी का आफ़ताब हो तुम
©️®️ गणेश ✍✍
खुपच सुंदर
बेहतरीन अभीव्यक्ती...👌👍💐🍫
अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे👌👌👌👌🙏🙏
लाजवाब 👌👌👌👌
व्वा क्या बात है सुपर्ब
Waa badhiya 👌👌👌
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खुदा की बंदगी का रास्ता जो उसने पाया उसको सुकूं ए रुख़ का अंदाज नज़र आया भटक रहा था वो भी अब तक दर बदर को खुदा के दर पे आ के वो दर्द ...
खुपच सुंदर
ReplyDeleteबेहतरीन अभीव्यक्ती...👌👍💐🍫
ReplyDeleteअप्रतिम च नेहमीप्रमाणे👌👌👌👌🙏🙏
ReplyDeleteलाजवाब 👌👌👌👌
ReplyDeleteव्वा क्या बात है सुपर्ब
ReplyDeleteWaa badhiya 👌👌👌
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