Oct 2, 2021

दिल रोया था

 रंज कौन सा तुम 
 दिल में छुपाये बैठे हो 
 क्या तुम कोई 
 चोट खाये बैठे हो   



तेरी चाह में डूंबा था   💕         
    तेरी राह में खोया था 
 जीस पल तुम गये      💖    
🌹 जालीम,  
        ये दिल 
   बहोत रोया था  
     गणेश ✍✍

12 comments:

  1. खूप मस्त रचना अप्रतिम

    ReplyDelete
  2. सुंदरच रचना 👌👌

    ReplyDelete
  3. बहोत खूब ...! बाप्पा जीऽ 🌷
    खूपच छान अप्रतिम रचना ...!!
    🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
    आबा 🙏

    ReplyDelete
  4. तुमचं प्रत्येक लिखाण दादा अप्रतिम....... अप्रतिम.... अप्रतिम असतं विशेष करून शायरी तर तुमची माईंड ब्लोईंग असते काही बोलायलाच नको निशब्द.👌👌👌👌👌👌👌👍👍👍👍👍✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️🙏🙏🙏🍫🍫🍫🍫🍫

    ReplyDelete
  5. अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌🙏🙏

    ReplyDelete
  6. खूपच सुंदर��������

    ReplyDelete

Publish Your Valuable Comments Here

Most Populer Post

खुदा की बंदगी

खुदा की बंदगी का रास्ता जो उसने पाया उसको सुकूं ए रुख़ का अंदाज नज़र आया भटक रहा था वो भी अब तक दर बदर को खुदा के दर पे आ के वो दर्द ...