Sep 28, 2021

तू दिलनशीं

तू इक नज्म है 
या है तु रुबाई  💖 
या दिलनशीं गजल़ 
खुदा ने जो बनाई 
तेरे सिवां इक पल 
अब रह न सकू मै 💕 
जब से देखा तुझे 
तू है दिल मे समायी  




 जब हटा जुल्फों का 
 बिखरा हुआ पहरा 
 तब दिखा नाजनीन 
 वो तेरा चेहरा 

    गणेश ✍✍

3 comments:

  1. लाजवाब... बहोत सुंदर लिखा आपने 👌👌👌👌👌

    ReplyDelete
  2. लाजवाब प्रस्तुती सरजी!✍️👌👌👌

    ReplyDelete
  3. अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌🙏🙏🙏

    ReplyDelete

Publish Your Valuable Comments Here

Most Populer Post

खुदा की बंदगी

खुदा की बंदगी का रास्ता जो उसने पाया उसको सुकूं ए रुख़ का अंदाज नज़र आया भटक रहा था वो भी अब तक दर बदर को खुदा के दर पे आ के वो दर्द ...