Sep 21, 2021

हसू अन् आसवे

कसे कळत नकळत 
एकमेकांत गुंतले गेलो 
हसू आणि आसवांनी 
एकमेकांशी बांधले गेलो   




सुख नकळत 
डोळ्यांतून वाहीले 
आसवां मधून 
हसत राहीले   

7 comments:

  1. गणेश बाप्पा...��
    खूप भावस्पर्शी कार्य रचना .. अतिशय सुंदर रचना ��
    आबा ��

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  2. गणेश खूप खूप छान 👌🏻👌🏻👌🏻

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  3. खुप सुंदर रचना...👍👌✍️🍫

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  4. अप्रतिम गणेश दादा🙏👍👍👍👍

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  5. अप्रतिम रचना 👌👌👌👌🙏🙏

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