Sep 20, 2021

यश आणि अनुभव

 अपयशाचे अर्क 
 गिळून टाकावे 
 यश ह्रदयात 
 घट्ट टिकावे 


  तजुर्बा तो 
 कसोटीयोंके बाद ही बनता है 
 लाख कसोटीयोंसे गुजर के ही 
 इंसा का तजुर्बा निखरता है

7 comments:

  1. खूप सुंदर शब्द रचना आहे

    ReplyDelete
  2. खूपच छान रचना 👌👌💐💐👍👍😊😊

    ReplyDelete
  3. अप्रतिम च नेहमीप्रमाणे 👌👌👌👌👌सुप्रभात दादा🙏🙏

    ReplyDelete
  4. अतिशय सुंदर रचना 👌👌👌

    ReplyDelete

Publish Your Valuable Comments Here

Most Populer Post

खुदा की बंदगी

खुदा की बंदगी का रास्ता जो उसने पाया उसको सुकूं ए रुख़ का अंदाज नज़र आया भटक रहा था वो भी अब तक दर बदर को खुदा के दर पे आ के वो दर्द ...