Sep 9, 2021

अलविदा

 तेरे ख़्वाब से मै 

जुदा रह न पाया 

 तेरी याद को 

 अलविदा कह न पाया ! 

जो तुमने दिये थे 

सभी जख्म मुझको 

 उन जख्मों का भी दर्द 

 कभी सह न पाया ! 

 तेरी जुदाई से 

 तडपता था दिल ये 

 आँख से फीर भी आंसू 

 कभी बह न पाया ! 

 मुस्कुराता रहा मै 

 जिंदगी के सफर मे 

 रोता था ये दिल 

 किसे कह न पाया ! 

     गणेश ✍✍


5 comments:

  1. Wow ....!!
    क्या बात है गणेशजी ....!!
    तुमच्या काव्याचे कौतुक केलं पाहिजे सुंदर शब्द आणि भावना असतात ... 👌
    आणि आज तर तुमचा ब्लॉग रेडी झालाय !!
    भारी काम झालं आहे एक पाऊल प्रगती पथावर
    खूप खूप शुभेच्छा तुमच्या ब्लॉग साठी.
    💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
    आबा 🙏

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    Replies
    1. तुमच्या आशीर्वादाने सर्व शक्य झाले आबा 🙏🏼🙏🏼

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  2. लई भारी गणेश 👌🏻👌🏻

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